Showing posts with label दिवाली. Show all posts
Showing posts with label दिवाली. Show all posts

Saturday, August 16, 2025

Thursday, November 6, 2008

अनोखी दिवाली



अब की बार की दिवाली कुछ हट कर थी | दिवाली से दो दिन पहले राज कुमारी अमृत कौर के स्टूडेंट्स के साथ ऐड्स पर नुक्कड़ नाटक तैयार किया था और उसमे एक गीत डाला था " हाथ से हाथ मिलाओ, प्यार के फूल खिलाओ" |




लाइब्रेरी मैं आया तो पाया कि कुछ कारण सारे कम्प्यूटर्स काम नहीं कर रहे थे और बच्चे मायूस थे | सोचा क्यों कुछ मस्ती हो जाए और आनन् फानन में दिवाली मानाने का कार्यक्रम बन गया | बच्चों से कहा कि दिवाली के लिए रंगोली बनायें और कुछ दिए रंग ले | सब बच्चों से कहा कि " हाथ से हाथ मिलाओ" गीत तैयार करते हैं ताकि सभी इसे मिल कर दिवाली कि शाम को गायें गे |




अगले दो दिन गीत बाकी चीजे तैयार करने में निकल गए | दिवाली कि पूर्व संध्या पर सब बच्चे एकत्रित हो गए | सब ने पहले रंगोली बनाया , अपने बनाए कुछ नए दिए मोमबतियां जलाई | इस दिन के लिए खा कर के मेरे मित्र गौरव का परिवार वहां पर आया था | बच्चों ने पूजा से पहले गीत गाया आरती की | एक छोटे से जलपान के साथ दिवाली की सब ने एक दूसरे को शुभकामनाएँ दी |