Saturday, November 29, 2008

Bhanu in OLLO








This week Bhanu was in Mumbai to attend the premiere but due to unfortunate incidents of terrorists attack in Mumbai, premiere of Oye Lucky! Lucky Oye! (OLLO) got cancelled। However we have got some of the pics of Bhanu in different scenes from OLLO. Enjoy them! (
Lucky Oye!Posted by Picasa

Men Of Bollywood: Press Meeting - Oye Lucky

Men Of Bollywood: Press Meeting - Oye Lucky

Thursday, November 6, 2008

अनोखी दिवाली



अब की बार की दिवाली कुछ हट कर थी | दिवाली से दो दिन पहले राज कुमारी अमृत कौर के स्टूडेंट्स के साथ ऐड्स पर नुक्कड़ नाटक तैयार किया था और उसमे एक गीत डाला था " हाथ से हाथ मिलाओ, प्यार के फूल खिलाओ" |




लाइब्रेरी मैं आया तो पाया कि कुछ कारण सारे कम्प्यूटर्स काम नहीं कर रहे थे और बच्चे मायूस थे | सोचा क्यों कुछ मस्ती हो जाए और आनन् फानन में दिवाली मानाने का कार्यक्रम बन गया | बच्चों से कहा कि दिवाली के लिए रंगोली बनायें और कुछ दिए रंग ले | सब बच्चों से कहा कि " हाथ से हाथ मिलाओ" गीत तैयार करते हैं ताकि सभी इसे मिल कर दिवाली कि शाम को गायें गे |




अगले दो दिन गीत बाकी चीजे तैयार करने में निकल गए | दिवाली कि पूर्व संध्या पर सब बच्चे एकत्रित हो गए | सब ने पहले रंगोली बनाया , अपने बनाए कुछ नए दिए मोमबतियां जलाई | इस दिन के लिए खा कर के मेरे मित्र गौरव का परिवार वहां पर आया था | बच्चों ने पूजा से पहले गीत गाया आरती की | एक छोटे से जलपान के साथ दिवाली की सब ने एक दूसरे को शुभकामनाएँ दी |

Wednesday, August 27, 2008

Public Library & Activity Centre

मेरी काम करने की जगह राजापुरी ( द्वारका) मेरे आस पास रहने वाले मजदुर व नौकरी वाले लोग हैं उनके बच्चे पिछले दो तीन साल से समर कैंप या कभी पेंटिंग कम्पीटीशन मैं आते रहते थे

लायब्रेरी कम एक्टिविटी सेंटर खोलने का एक छोटा सा सपना था ताकि आस पास के बच्चे इस का फायदा उठा सकें जो पुस्तके हम पढ़ चुके होतें हैं वोह बरसो ऐसे ही पड़ी रह जाती हैं सोचा क्यों न उनका उपयोग किया जाय


बस कुछ जगह अपने काम की जगह से निकाल कर लायब्रेरी को मार्क कर दी फिर अपने आस पास के लोगो को इसमे जुड़ने की प्रेरणा दी और आनन् फानन मैं लायब्रेरी खुल गई

बच्चों का उत्साह देखने लायक था पहले दिन अगर पाँच दस थे तो अगले दिन बीस और पांचवा दिन आते आते अस्सी बच्चे किताबें लेने आ पहुंचे

फिर सोचा क्यों न पुराने पड़े कम्प्यूटर का भी इस्तेमाल किया जाय बच्चों के लिए उसको भी लायब्रेरी वाले हिस्से मैं रख दिया

एन झी सी मैं काम कर रहे मेरे बचपन के मित्र विश्व गोरव ने कुछ पुस्तके और एक कंप्युटर दे दिया और लियां आर के शाह ने तो बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया लायब्रेरी के लिए फर्निशिंग का सामान पुस्तके और कप्यूटर दे डाला अब तक लायब्रेरी की सर्वीस दो हज़ार से भी ज्यादा बार ली जा चुकी हे

एक कम्प्यूटर टीचर भी आने लगा हे आशा कर रहे हैं आप सब के सहयोग से यह कार्यक्रम यूँ ही चलता रहे

निवेदन हे यदि आप के पास पुराने किताबे या कंप्युटर हों तो उन्हें रद्दी मैं न दे हमें 9811455949 पर फ़ोन करे या आप
deepakarora_drp83@rediffmail.com पर ईमेल करे हम उन्हें लेने के लिए तत्काल आप के पास चले आयेंगे

और यदि आप के पास समय हों तो बच्चों के बीच आकर उन्हें अपने ज्ञान व तजुर्बे का हिस्सा दे ताकि वो उसका उपयोग कर आगे बढ़ सके